Saturday, January 21, 2012

मज़दूर



मज़दूर किसी गम में
कभी काम बंद नही करता
काम बंद करने का मतलब
उसको मालूम है
उसको मालूम है काम बंद
करने का मतलब है
उसका और उसके कुटुम्ब का फाक़ा
और चार दिन के फाक़े का मतलब है
परचून की उधारी
उधारी ?
उधारी का मतलब है
महाज़न की देनदारी
और देनदारी का मतलब है
परबतिया..साबित्तरी और
नन्ही मुनिया की लाचारी
दिन में बंधुआ मज़दूरी और
और रात में ‘खिलवाड़ी’
जनम जनम की ख्वारी ..
ख्वारी और ख्वारी….
मज़दूर किसी गम में कभी
काम बंद नही करता
काम बंद करने का मतलब उसे मालूम
है

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