Monday, July 20, 2015
Saturday, July 18, 2015
सवालों के जवाब तलाशती
हातिम सी उलझी ज़िंदगी
शीशे के शहर में भटकती
पत्थर की राजकुमारी सी ज़िंदगी
.
हातिम सी उलझी ज़िंदगी
शीशे के शहर में भटकती
पत्थर की राजकुमारी सी ज़िंदगी
.
यूँ तो हर कहानी के आखिर में
शहज़ादे को मिलती रही शहज़ादी
न जाने क़िले के किस तहखाने में
हमेशा को क़ैद ज़िंदगी
.
तिलिस्म दुनियां के इतने आसां कहाँ ऐ दोस्त !
लम्हा लम्हा धूप-छाँव
लम्हा लम्हा आँसू-मुस्कान
मौत के कुँए में रोज़ क़रतब दिखाती ज़िंदगी
शहज़ादे को मिलती रही शहज़ादी
न जाने क़िले के किस तहखाने में
हमेशा को क़ैद ज़िंदगी
.
तिलिस्म दुनियां के इतने आसां कहाँ ऐ दोस्त !
लम्हा लम्हा धूप-छाँव
लम्हा लम्हा आँसू-मुस्कान
मौत के कुँए में रोज़ क़रतब दिखाती ज़िंदगी
Thursday, July 16, 2015
Tuesday, May 5, 2015
Sunday, January 11, 2015
अच्छे दिन आने वाले हैं
सालों बाद बीवी बना
रही है
मायके जाने का प्लान
अच्छे दिन आने वाले
हैं
टिकट कनफर्म कराने
को
मैंने लड़ा दी है जान
अच्छे दिन आने वाले हैं
कब किसके यहाँ है पार्टी-कॉकटेल
कलैंडर पर अभी से लगा लिये हैं निशान
अच्छे दिन आने वाले हैं
केबलवाला चुपचाप बता के गया था जो फिल्में
मैंने खरीद लिया है ‘इकॉनमी प्लान’
अच्छे दिन आने वाले हैं
कोई नहीं टोकने वाला
फिर से रोज पहननी है पजामे के ऊपर बनियान
अच्छे दिन आने वाले हैं
‘पानी बचाओ’ आंदोलन का हूं मैं कट्टर समर्थक
नहाने के केंसल सब प्रोग्राम
अच्छे
दिन आने वाले
हैं
सोफा, बैड, चेयर
सब पर बिखरी मिलेंगी पेंट-कमीजें एक समान
अच्छे दिन आने वाले हैं
फेंक देनी हैं मैंने सब शीशियां ‘शुगर-फ्री’ की
खुल जायेगी घर में ही मिठाई की दूकान
अच्छे दिन आने वाले हैं
हर सेन्टेंस में ग़लती निकालने वाली
बेटी भी जा रही है साथ
मन-मर्ज़ी से होगा अब अंग्रेजी उच्चारन
अच्छे दिन आने वाले हैं
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